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tumse mil kar itni to ummeed hui hai | तुमसे मिल कर इतनी तो उम्मीद हुई है
तुमसे मिल कर इतनी तो उम्मीद हुई है
इस दुनिया में वक़्त बिताया जा सकता है
Breakup Motivation Shayari
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कुछ कमरों में रौशनदान नहीं होता है
उम्मीद सेंटा से लगाना लाज़मी भी है मिरा
उम्मीद बाँधिए न बड़े आदमी के साथ
मगर हमें तो तिरा इंतिज़ार करना था
तो ये रिश्ते निभाना किस क़दर आसान हो जाए
तू पूछता है मुझ से भला क्या बदल गया
अब उस के बात चीत का लहजा बदल गया
क़ुर्बत में उस के अच्छे से अच्छे बदल गए
जो मैं भी उस के पास जा बैठा बदल गया
पहले तो साथ रहने की हामी बहुत भरी
फिर एक रोज़ उस का इरादा बदल गया
लैला बदल गई तो गई साथ साथ ही
मजनूँ बदल गया ये ज़माना बदल गया
तस्वीर अर्से बाद बदलती है सब्र रख
ऐसा नहीं न होता कि सोचा बदल गया
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अब किस उम्मीद पे दरवाज़े से झांके कोई
मेरा ख़याल भी उसको सुनाई देता है
उसी को छोड़ के सब कुछ दिखाई देता है
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जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते
अब तेरे मिलने पे हम नाज नहीं कर सकते
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इक लम्हा ताउम्र चलाया जा सकता है
तुम्हारे बाद के मौसम फ़क़त गुज़ारे गए
भँवर में उलझे तो फिर हाथ पाँव मारे गए
सदा का देर तलक गूँजना बहुत भाया
फिर एक नाम बयाबाँ में हम पुकारे गए
छुपा छुपा के जो रातों ने ख़्वाब रक्खे थे
वो सारे दिन के उजालों के हाथ मारे गए
कुछ एक चेहरे मिरी चश्म-ए-तर में तैरते हैं
कुछ इक सफ़ीने अभी तक न पार उतारे गए
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