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Main har qadam par sambhal sambhal kar bhatkne waala – Sher


main har qadam par sambhal sambhal kar bhatkne waala | मैं हर क़दम पर सँभल सँभल कर भटकने वाला

  – Pallav Mishra

मैं हर क़दम पर सँभल सँभल कर भटकने वाला

भटकने वालों से काफ़ी बेहतर भटक रहा हूँ


  – Pallav Mishra

Aahat Shayari

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